गोरखपुर में बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या मामला: आजमगढ़ में नाई समाज का फूटा गुस्सा, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
आजमगढ़।
गोरखपुर जनपद में आजमगढ़ निवासी 10 वर्षीय बच्ची (दीपिका शर्मा) की बलात्कार के बाद हुई नृशंस हत्या को लेकर नाई, सविता, सलमामी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस हृदयविदारक घटना के विरोध में ‘भारतीय नाई, सविता, सलमामी महासभा – आजमगढ़ (उ०प्र०)’ ने जिलाध्यक्ष रमेश शर्मा के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा है।
ज्ञापन के माध्यम से महासभा ने सरकार से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने की मांग की है।
महासभा की मुख्य मांगें:
दोषी को फांसी की सजा: गोरखपुर में घटित इस जघन्य अपराध के दोषी पुलिसकर्मी को अविलंब फांसी की सजा दी जाए।
मुआवजा: पीड़ित एवं प्रभावित परिवार को ₹1 करोड़ (एक करोड़ रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
सरकारी नौकरी: पीड़ित परिवार के किसी योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
पुनर्वास व भूमि आवंटन: पीड़ित परिवार के पुनर्वास हेतु आवासीय तथा कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराई जाए।
बुलडोजर कार्रवाई: घटना के दोषी अपराधी के मकान/घर पर बुलडोजर चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में उपस्थित प्रमुख लोग:
ज्ञापन सौंपते समय जिलाध्यक्ष रमेश शर्मा, सोनू शर्मा, राम जन्म शर्मा, प्रणव कुमार शर्मा, विनोद शर्मा, वासुदेव शर्मा, सुभाष शर्मा, दीनदयाल, अंगद शर्मा, गोविंद शर्मा, सावन शर्मा, डॉ. अजीत त्रिपाठी, संतोष शर्मा, प्रसाद, जवाहर, चंद्रभान शर्मा सहित नाई-सविता समाज के कई सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।





