नई शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा को मिली नई दिशा और दृष्टि : आनंदीबेन पटेल
राज्यपाल ने छात्रों को नशे से दूर रहकर अनुशासित जीवन जीने की दी सलाह, 74 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षोत्सव में मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और अनुशासित जीवन जीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को अपनाकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दीक्षोत्सव समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने नई शिक्षा नीति को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे देश की शिक्षा व्यवस्था को नया आयाम मिला है। नई शिक्षा नीति ने भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा, नई दृष्टि और आत्मविश्वास दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रखने तथा अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज और देशहित में करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। युवाओं में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों और छात्राओं से नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।दीक्षोत्सव में कुल 74 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 26 छात्र और 48 छात्राएं शामिल रहीं। 11 विद्यार्थियों को स्नातक तथा 63 विद्यार्थियों को परास्नातक की उपाधि प्रदान की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कुल 20 पदकों से सम्मानित किया गया।राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए पांच स्टॉल का अवलोकन किया। इनमें छोटे बच्चों की चित्रकला और स्टार्टअप प्रदर्शनी शामिल रही। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए पांच गांवों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा प्रेरणादायक प्रस्तुतियां देने वाले बच्चों को सम्मानित किया।
समारोह के दौरान आजमगढ़ और मऊ के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरित की गई। वहीं 1000 बेटियों के एचपीवी टीकाकरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भारतीय पटोला कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पंकजभाई डूंगरभाई मकवाना को मानद उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया। विश्वविद्यालय पहुंचने पर मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और कुलपति समेत अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल के आगमन को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।





