रोड निर्माण विवाद में नया मोड़, शिकायतकर्ता समेत तीन पर मुकदमा

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रोड निर्माण विवाद में नया मोड़, शिकायतकर्ता समेत तीन पर मुकदमा

रिपोर्ट अछयवर वर्मा /आजमगढ़ के बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के मुबारकपुर मंडल के भीलमपुर छपरा में सड़क निर्माण को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। एक ओर गांव निवासी सत्यदेव यादव ने उच्च अधिकारियों से शिकायत कर अपने सहन-दरवाजे के सामने जबरन सड़क निर्माण कराए जाने का आरोप लगाया था, वहीं दूसरी ओर राजस्व टीम के साथ अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में सत्यदेव यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ अतरौलिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

सत्यदेव यादव ने जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोग पुलिस और राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में उनके घर के सामने सड़क निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना था कि बिना किसी वैधानिक अनुमति के ट्रॉली से मिट्टी गिरवाकर और जेसीबी मशीन की मदद से सड़क बनाई जा रही है। उन्होंने इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।

इसी बीच सार्वजनिक रास्ते पर जलभराव और अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर बुधवार को हल्का लेखपाल मुकेश कुमार राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। टीम द्वारा रास्ते पर मिट्टी डलवाकर जलभराव की समस्या दूर करने का कार्य कराया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार इसी दौरान सत्यदेव यादव, दिनेश यादव और संदीप यादव मौके पर पहुंच गए और कार्य रुकवा दिया। लेखपाल की तहरीर में आरोप लगाया गया है कि तीनों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। तहरीर में यह भी उल्लेख है कि सत्यदेव यादव हंसुआ लेकर मौके पर पहुंचे और राजस्व टीम को धमकाने लगे। साथ ही आत्मदाह की धमकी देकर प्रशासनिक कार्रवाई पर दबाव बनाने का प्रयास किया।

घटना के बाद अतरौलिया पुलिस ने लेखपाल की तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विश्वजीत पांडेय को सौंपी गई है।

अब सड़क निर्माण को लेकर उठे विवाद में एक पक्ष द्वारा जबरन निर्माण कराने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत पर प्रशासन सार्वजनिक रास्ते को दुरुस्त कराने की कार्रवाई की बात कह रहा है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

 

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