मूसलाधार बारिश में भी 800 से अधिक जॉबकार्डधारक कर रहे काम, मनरेगा में फर्जीवाड़े का आरोप
बरदह।मार्टिनगंज/आजमगढ़। स्थानीय विकासखंड में मनरेगा योजना के कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मूसलाधार बारिश के बीच भी विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 800 से अधिक जॉबकार्डधारकों के काम करने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इतनी खराब मौसम की स्थिति में बड़ी संख्या में मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज होना जांच का विषय है।
विकासखंड में कुल 65 ग्राम पंचायतें हैं। आरोप है कि इनमें आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में 50 से 100 तक जॉबकार्डधारकों की हाजिरी दर्ज की जा रही है, जबकि एक दर्जन से अधिक पंचायतों में 10 से 50 मजदूरों के काम करने का रिकॉर्ड दिखाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वास्तविकता में मौके पर इतनी संख्या में मजदूर दिखाई नहीं दे रहे हैं और काम महज कागजों तक सीमित होने की आशंका है।
सबसे बड़ा सवाल ऑनलाइन फेस हाजिरी को लेकर उठ रहा है। चर्चा है कि एआई आधारित फेस अटेंडेंस के जरिए मजदूरों की हाजिरी दर्ज की जा रही है, जिससे बारिश के बावजूद रिकॉर्ड में मजदूरों की संख्या लगातार बनी हुई है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की ग्राम पंचायतवार स्थलीय जांच, ऑनलाइन हाजिरी और मौके पर मौजूद मजदूरों का मिलान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर मिलता है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मामले में विकासखंड स्तर पर निगरानी और जांच की आवश्यकता है, ताकि मनरेगा जैसी ग्रामीण रोजगार योजना में सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पर स्थिति स्पष्ट हो सके।
एपीओ मनरेगा महीप पांडे ने बताया कि कई ग्रामीणों द्वारा हमको शिकायत प्राप्त हुई है हम कल आकर इसको दिखावाते हैं कोई फर्जी पाया गया तो कार्रवाई होगी।





