शिक्षक कार्यशाला में तनाव प्रबंधन व कक्षा-स्मृति बढ़ाने के बताए गुण

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शिक्षक कार्यशाला में तनाव प्रबंधन व कक्षा-स्मृति बढ़ाने के बताए गुण

डॉ. मुक्ति पांडेय ने गतिविधियों और उपयोगी तकनीकों के माध्यम से शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण

आजमगढ़, अगस्त। एसकेडी विद्या मंदिर, धनहुआँ, आजमगढ़ में रविवार को शिक्षक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के विभिन्न संस्थानों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को मानसिक तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच तथा कक्षा-स्मृति को बेहतर बनाने वाली व्यावहारिक तकनीकों से परिचित कराना था।

कार्यशाला की मुख्य प्रशिक्षक डॉ. मुक्ति पांडेय ने शिक्षकों को मानसिक तनाव कम करने के विभिन्न उपायों के साथ-साथ कक्षा-स्मृति (Classroom Memory) को प्रभावी बनाने के तरीके विस्तार से बताए। उन्होंने अनेक उपयोगी टूल्स, अभ्यासों एवं गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया, जिससे शिक्षक इन तकनीकों का उपयोग अपने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन के साथ कक्षा-कक्ष में भी कर सकें।

कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रोचक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों ने शिक्षकों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। साथ ही तनाव प्रबंधन, सकारात्मक दृष्टिकोण तथा प्रभावी शिक्षण के महत्व को सहज तरीके से समझाया गया।

इस अवसर पर एसकेडी ग्रुप के चेयरमैन श्री विजय बहादुर सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों का मानसिक रूप से स्वस्थ, सकारात्मक और तनावमुक्त रहना अत्यंत आवश्यक है। एक मानसिक रूप से सशक्त शिक्षक ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सकारात्मक एवं प्रभावी शिक्षण वातावरण तैयार कर सकता है। उन्होंने इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाओं को शिक्षकों के व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य श्री के.के. सर योगेश अस्थाना, एसकेडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री पी.एन. पांडेय तथा एसकेडी लोटस वैली स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती तुहिना ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कार्यशाला को शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने तथा शिक्षकों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यशाला का समापन उत्साह, सक्रिय सहभागिता और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ। शिक्षकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इसमें सीखी गई तकनीकें कक्षा में विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को और बेहतर बनाने में सहायक होंगी।

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