शंभूपुर हत्याकांड के बाद अलग-अलग स्थानों पर अंतिम विदाई, पुलिस की कड़ी निगरानी
आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में हुए हृदयविदारक घटनाक्रम के बाद अब परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना में जान गंवाने वाले लोगों की अंतिम विदाई अलग-अलग स्थानों पर की गई। कहीं राजघाट पर एक साथ तीन लोगों का अंतिम संस्कार हुआ, तो कहीं घाघरा और टोंस नदी के तट पर परिजनों ने अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई दी। इस दौरान सभी स्थानों पर पुलिस की कड़ी निगरानी रही और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।
सबसे पहले बात राजघाट की, जहां अरविंद, बबीता और सात वर्षीय शौर्य का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक ही चिता पर तीनों को अंतिम विदाई दी गई। अरविंद की भतीजी वर्षा सिंह ने तीनों को मुखाग्नि दी।

राजघाट पर अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। गमगीन माहौल के बीच जब परिवार ने अपने लोगों को अंतिम विदाई दी, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम नजर आईं।

इन तीनों में सात वर्षीय शौर्य की अंतिम विदाई ने लोगों को खास तौर पर भावुक कर दिया। बताया गया कि शौर्य परिवार का इकलौता बेटा था। मासूम की विदाई के दौरान परिवार के लोगों का दर्द साफ दिखाई दिया।

वहीं, मृतक पुरोहित अखिलेश मिश्रा का अंतिम संस्कार अंबेडकरनगर जिले के कम्हरिया घाट पर किया गया। घाघरा नदी के तट पर पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। यहां भी सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क रही।
इसके अलावा मृतक पुरोहित महेंद्र पाठक का अंतिम संस्कार दुर्वासा धाम में टोंस नदी के तट पर किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान यहां भी पुलिस बल मौजूद रहा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
शंभूपुर की घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने केवल गांव में ही नहीं, बल्कि उन सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई, जहां अंतिम संस्कार होना था। गांव से लेकर राजघाट, कम्हरिया घाट और दुर्वासा धाम तक पुलिस की मौजूदगी रही।
अलग-अलग स्थानों पर हुई अंतिम विदाई के दौरान एक तरफ परिवार अपने प्रियजनों को खोने के गम में डूबे नजर आए, वहीं दूसरी तरफ पुलिस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रही।
शंभूपुर की इस घटना के बाद अब पूरे इलाके में शोक का माहौल है। अलग-अलग स्थानों पर हुई अंतिम विदाई ने इस घटनाक्रम के बाद परिवारों के दर्द को सामने ला दिया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की निगाहें आगे की स्थिति पर बनी हुई हैं।





