आजमगढ़ में ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा, 19 साल से अधूरी सड़क पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
आजमगढ़ के लालगंज विकास खंड के सभा उपेन्दा गांव में 19 साल से अधूरी पड़ी सड़क को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुटता दिखाई और 2027 के विधानसभा चुनाव में ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का संकल्प लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2005-2006 में करीब तीन किलोमीटर सड़क स्वीकृत हुई थी, लेकिन शुरुआती काम के बाद सड़क का निर्माण अधूरा रह गया। प्रधान पति रामवचन राम के मुताबिक, विधायक, सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष को कई बार पत्र देकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। आरटीआई के जरिए भी सड़क निर्माण को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि चुनाव से पहले सड़क नहीं बनी तो वे किसी भी राजनीतिक दल को वोट नहीं देंगे।
लालगंज के सभा उपेन्दा गांव में जर्जर और अधूरी सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 19 वर्षों से सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की जा रही है, लेकिन उनकी समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। प्रधान पति रामवचन राम के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2005-2006 में तत्कालीन राज्यसभा सांसद स्वर्गीय अमर सिंह की निधि से करीब तीन किलोमीटर सड़क स्वीकृत हुई थी। शुरुआत में पत्थर और रोड़ी डालने का काम हुआ, लेकिन पेंटिंग नहीं होने से सड़क अधूरी रह गई। उन्होंने बताया कि सड़क के संबंध में आरटीआई से जानकारी मांगी गई तो पीडब्ल्यूडी ने अपने विभाग से निर्माण कार्य नहीं होने की बात कही। वहीं, विधायक को तीन बार, सांसद को दो बार और जिला पंचायत अध्यक्ष को एक बार पत्र देकर सड़क बनवाने की मांग की गई। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। रविवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध जताया और साफ कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो वे किसी भी दल के प्रत्याशी को वोट नहीं देंगे। प्रदर्शन में अमृत सिंह, चंद्रभूषण सिंह, कृष्णपाल सिंह, सिद्धार्थ, राजेंद्र बनवासी, रमाशंकर, नरेंद्र सिंह, ऋतिक त्रिपाठी, राजा शर्मा, रामवचन राम, धर्मेंद्र सिंह, अजय सिंह गब्बर, सुधांशु सिंह और हर्षवर्धन सिंह समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।





