अघोर पीठ, सर्वेश्वरी समूह आश्रम में मनाई गई अघोरेश्वर भगवान राम जी की 90वीं जयंती
अघोर पीठ, पड़ाव आश्रम में लोलार्क षष्ठी पर्व के साथ शुरू हुआ दो दिवसीय जन्मोत्सव कार्यक्रम
इंद्रियों की पराधीनता छोड़कर विवेक के मार्ग पर चलें
-पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी
वाराणसी के पड़ाव आश्रम मे अघोरेश्वर महाप्रभु की 90वीं जयंती के शुभ अवसर पर अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संसथान देवस्थानम्, अवधूत भगवन राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव, वाराणसी के मुख्य सभागार में आयोजित गोष्ठी में उपस्थित विशिष्टजनों, संस्था के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने कहा- कि समाज में बढ़ती कटुता, विभाजन, स्वार्थ और अशांति का मूल कारण बाहरी परिस्थितियों से अधिक मनुष्य की अपनी कमजोरियाँ, इंद्रियों की पराधीनता और विवेक का क्षीण होना है। हमारे पास महापुरुषों की वाणियां, विचार और जीवन-दृष्टि के रूप में पर्याप्त मार्गदर्शन उपलब्ध है, फिर भी हम उनके बताए मार्ग पर आचरण नहीं कर पा रहे हैं। पूज्य बाबाजी ने कहा कि सूर्य, चंद्रमा, वायु और पंचतत्व किसी जाति, धर्म, भाषा या देश के आधार पर भेदभाव नहीं करते। सभी मनुष्यों का शरीर उन्हीं पंचतत्वों से बना है और सबके भीतर एक ही परम तत्व विद्यमान है। इसलिए जाति, धर्म, मजहब, भाषा और क्षेत्र के आधार पर मनुष्यों में विभाजन और घृणा मानवता की मूल भावना के विपरीत है। समाज और राष्ट्र में बढ़ते संघर्ष, स्वार्थ, लोभ, अहंकार और भ्रष्ट आचरण से बचने के लिए व्यक्ति को पहले अपने भीतर सुधार लाना होगा। ‘पराधीन सपनेहूँ सुख नाहीं’ का अर्थ अपनी इंद्रियों का दास बन जाना है। जब मनुष्य इंद्रियों के वश में हो जाता है, तब लोभ, क्रोध, अहंकार और अन्य विकृतियां उसके जीवन में दुख और अशांति पैदा करती हैं। महापुरुषों की शिक्षाओं को केवल सुनना पर्याप्त नहीं है; उनका अध्ययन, चिंतन और अपने आचरण में पालन करना आवश्यक है। विशेष रूप से श्री सर्वेश्वरी समूह से जुड़े लोगों से आह्वान करते हुए पुज्यश्री ने कहा कि वे स्वार्थपूर्ण विवादों और विभाजनकारी प्रवृत्तियों से दूर रहकर राष्ट्र, समाज, संस्कृति और मानवता के हित में कार्य करें। अंत में आपने कहा कि सभी अपने बुद्धि, विवेक, आत्म-सुधार, मानवता और महापुरुषों की शिक्षाओं के अनुरूप आचरण करें, जिससे कि आप स्वयं के साथ-साथ समाज के कल्याण में भी योगदान दे सकें।
गोष्ठी की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के पूर्व अपर निदेशक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वी.पी. सिंह जी ने की| गोष्ठी के अन्य वक्ताओं में डॉ. प्रदीप सिंह जी (पूर्व निदेशक, केन्द्रीय खनन एवं ईंधन अनुसन्धान संसथान, धनबाद), श्रीकांत मिश्र जी (वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रतापगढ़), श्री धनञ्जय राव जी श्री मनोज सिंह जी, श्री शशि गुप्ता जी थे| मंगलाचरण कु. राशि ने किया, श्रीमती प्रीतिमा सिंह जी ने भजन प्रस्तुत किया और गोष्ठी का सञ्चालन डॉ. वामदेव पाण्डेय जी ने किया| धन्यवाद् ज्ञापन श्री सर्वेश्वरी समूह के उपाध्यक्ष श्री सुरेश सिंह जी ने किया| गोष्ठी में सर्वप्रथम पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु द्वारा रचित पुस्तक “अघोरेश्वर कथा” के अंग्रेजी अनुवाद का लोकार्पण किया|

भाद्र शुक्ल सप्तमी, गुरुवार 18 सितम्बर 2026 को अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम्, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव, वाराणसी में परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी की 90वीं जयंती पर्व श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी के सान्निध्य में भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। गुरुवार, 17 सितम्बर से परमपूज्य अघोराचार्य महाराजश्री बाबा कीनाराम जी के 426वें जन्म षष्ठी (लोलार्क षष्ठी) पर्व के साथ ही दो दिवसीय जयंती पर्व के कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ था। इस अवसर पर श्री सर्वेश्वरी समूह के देशभर से सैकड़ों सदस्य व शिष्यगण उपस्थित होकर दर्शन-पूजन करके अपनी-अपनी श्रद्धा निवेदित किये।
प्रातःकालीन सफाई-श्रमदान के साथ ही 5:50 श्रद्धालुओं ने एक प्रभातफेरी निकाली, जो पड़ाव आश्रम से अघोरेश्वर महाविभूति स्थल, अघोरेश्वर भगवान राम घाट, गंगातट तक गई। वहाँ अघोरेश्वर महाप्रभु कि समाधि के दर्शन-पूजन के साथ गंगाजलयुक्त कलश लेकर श्रद्धालुगण वापस आये। सुबह 8:00 बजे पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम जी ने आश्रम के गणेश पीठ स्थित परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के चिरकालिक आसन का विधिवत् पूजन किया। तत्पश्चात् श्री पृथ्वीपाल जी ने सफलयोनि का पाठ किया। इसके पश्चात् पूज्य बाबा ने आश्रम के उपासना स्थल (चिरकुट देवी विहार) में हवन-पूजन किया। इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद विटारा किया गया। अपराह्न 3:30 बजे आश्रम के देवी विहार में कल से प्रारंभ हुए अखंड संकीर्तन “अघोरान्ना परो मन्त्रः नास्ति तत्वं गुरोः परम्” का समापन पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी द्वारा आरती-पूजन के साथ हुआ। सायंकाल 5 बजे एक पारिवारिक विचार-गोष्ठी आयोजित है जिसमें विशिष्टजनों का उद्बोधन और पूज्यपाद बाबा जी का आशीर्वचन होगा।
विशेष उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम्, पड़ाव, वाराणसी द्वारा श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती लगभग 250 रोगियों के बीच भुना चना, फल, बिस्कुट, तथा फल का जूस इत्यादि वितरित किया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सालय के मुख्यचिकित्सा अधीक्षक श्री ब्रिजेश कुमार जी, डेंटिस्ट डॉ. पुष्प सिंह का सहयोग प्राप्त हुआ। आश्रम की तरफ से इस सेवा कार्यक्रम श्री सर्वेश्वरी समूह के संयुक्त मंत्री श्री अरविन्द कुमार सिंह जी, प्रचार मंत्री श्री पारस नाथ यादव जी, कोषाध्यक्ष श्री चंद्रविक्रम शाह जी, अघोर परिषद् ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री नागेश सिंह जी तथा श्री धर्मेन्द्र गौतम जी सहित अन्य स्वयंसेवकों ने भाग लिया।इस आशय की जानकारी सूचना केंद्र में मौजूद पृथ्वी पाल सिंह ने दी





