आजमगढ़ में छात्र संघ बहाली समेत 7 मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने रोका मार्च…
आजमगढ़ में छात्र संघ बहाली और छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया,प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल करने समेत सात प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं,छात्रों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उन्हे रोका गया
आजमगढ़ में छात्रों की आवाज एक बार फिर सड़क पर दिखाई दी,छात्र संघ बहाली, फीस वृद्धि पर रोक और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया,प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याएं उठाने के लिए प्रतिनिधित्व मिल सके,छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने, पहले बढ़ाई गई फीस की समीक्षा कर छात्रों को राहत देने और फीस, छात्रवृत्ति तथा शिक्षा से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध समाधान की व्यवस्था की मांग की,इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने MSDU विश्वविद्यालय में कॉलेज प्रशासन की कथित मनमानी पर रोक लगाने और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की मांग उठाई।
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग रखी,उनका कहना है कि विश्वविद्यालय के खिलाफ की जा रही कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए और शिक्षा के संस्थानों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन और छात्रों के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी,छात्र नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जिला कार्यालय की ओर आगे बढ़ने से रोक दिया और धारा 144 लागू होने का हवाला दिया। इसके बाद एडीएम और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया,छात्र नेताओं ने सरकार पर छात्र हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू जैसे संस्थानों में छात्र राजनीति और चुनाव होते हैं, तो उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे हैं।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों के इन आरोपों और मांगों पर प्रशासन अथवा सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है,फिलहाल छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा,अब देखना होगा कि प्रशासन छात्रों की सात सूत्रीय मांगों पर क्या कदम उठाता है।





