एसकेडी में सजी मां दुर्गा की भव्य झांकी, रामलीला मंचन और डांडिया नाइट ने मोहा मन

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एसकेडी में सजी मां दुर्गा की भव्य झांकी, रामलीला मंचन और डांडिया नाइट ने मोहा मन

जहानागंज, आजमगढ़। नवरात्र एवं दशहरा के अवसर पर एसकेडी विद्या मंदिर, एसकेडी इंटर कॉलेज, धनहुआं तथा एसकेडी लोटस वैली स्कूल, जहानागंज में विविध सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के साथ डांडिया नाइट का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मां दुर्गा की मनमोहक झांकियों, रामलीला के सजीव मंचन और भक्तिमय प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। विद्यालय की छात्राओं ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का आकर्षक रूप धारण कर शक्ति, भक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। वहीं, भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, माता सीता, रावण और हनुमान के पात्रों में सजे छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।

एसकेडी विद्या मंदिर में कार्यक्रम का शुभारंभ एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन विजय बहादुर सिंह द्वारा मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके बाद धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। महिषासुर मर्दन और चंड-मुंड वध जैसे दृश्यों का प्रभावशाली मंचन किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने बुराई पर अच्छाई की विजय और नारी शक्ति के महत्व का संदेश दिया। पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा।

एसकेडी इंटर कॉलेज में कार्यक्रम का शुभारंभ व्यवस्थापक श्रीकांत सिंह द्वारा मां दुर्गा के पूजन-अर्चन से किया गया। यहां रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत की गईं। सीता स्वयंवर, भरत मिलाप, श्रीराम दरबार, पंचवटी में लक्ष्मण की पहरेदारी, हनुमान जी का अशोक वाटिका में प्रवेश तथा वाटिका को उजाड़ने जैसे दृश्यों का आकर्षक मंचन किया गया। छात्र-छात्राओं ने अपने अभिनय और वेशभूषा से पौराणिक पात्रों को जीवंत कर दिया। वहीं, एसकेडी लोटस वैली स्कूल में महिषासुर मर्दन सहित अन्य धार्मिक प्रस्तुतियों की उपस्थित लोगों ने सराहना की। डांडिया नाइट में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।

इस अवसर पर एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन विजय बहादुर सिंह ने कहा कि सनातन परंपरा में नारी शक्ति को प्राचीन काल से ही विशेष महत्व दिया गया है। गार्गी, मैत्रेयी, लोपामुद्रा, अपाला और घोषा जैसी विदुषी महिलाओं ने ज्ञान, दर्शन और वैदिक परंपरा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को शिक्षा, धार्मिक विमर्श और अपने विचार व्यक्त करने का महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त रहा है।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं विज्ञान, शिक्षा, प्रशासन और देश की रक्षा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परिचय दे रही हैं। मां दुर्गा के नौ स्वरूप नारी शक्ति, साहस, करुणा और आत्मविश्वास के प्रतीक हैं। नवरात्र का पर्व हमें मातृशक्ति के सम्मान, समाज में महिलाओं की भूमिका को समझने और उनके प्रति आदर का भाव रखने की प्रेरणा देता है।

 

श्री सिंह ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके आदर्श, सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता और मर्यादा को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का सम्मान करते हुए अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

 

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य के.के. सरन, पी.एन. पाण्डेय तथा दरक्षा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन को सफल बनाने में प्रियंका, सुधा, नम्रता, गीतांजलि, सूर्य प्रकाश, विपिन, योगेंद्र, नेहा, अनीता सहित अन्य शिक्षकों एवं सहयोगियों की भूमिका सराहनीय रही। पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और आदर्शों को जीवंत बनाए रखने का संदेश दिया।

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