दूध सप्लाई वाहन चालक व सहयोगी से मारपीट, वाहन में रखा दो लाख रुपये नकद छीनने का आरोप
आजमगढ़ जिले के देवगांव कोतवाली क्षेत्र के मिर्जा आदमपुर स्थित काशी डेयरी के पास सोमवार की रात करीब आठ बजे दूध सप्लाई वाहन चालक और उसके सहयोगी के साथ मारपीट कर वाहन में रखा करीब दो लाख रुपये नकद छीनने का आरोप लगाया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार तरवां थाना क्षेत्र के खरका रामपुर गांव निवासी सुनील राजभर (35) पुत्र सुदर्शन राजभर अपने सहयोगी सतीश राजभर (30) पुत्र स्व. लालचंद राजभर के साथ काशी डेयरी में दूध देने के बाद वापस लौट रहे थे। आरोप है कि डेयरी से लगभग 100 मीटर आगे बढ़ते ही एक सफेद स्कॉर्पियो में सवार सात लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया।
पीड़ितों के अनुसार स्कॉर्पियो सवार लोगों ने दोनों को वाहन से उतारकर लात-घूंसों, ईंट और पत्थरों से जमकर पीटा। मारपीट में सतीश राजभर गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें लहूलुहान करने के बाद सड़क किनारे गड्ढे में फेंक दिया। वहीं चालक सुनील राजभर को भी मारपीट कर घायल कर दिया गया।
सुनील राजभर ने आरोप लगाया कि उसके जेब में रखे रुपये नहीं छीने गए, लेकिन दूध सप्लाई वाहन में रखा करीब दो लाख रुपये नकद आरोपियों ने छीन लिया। चालक का कहना है कि मारपीट और रुपये छीनने वाले कुछ लोगों को वह पहचानता है।
घटना की सूचना मिलते ही देवगांव कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए संयुक्त सौ शैय्या चिकित्सालय लालगंज पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस का कहना है कि मारपीट कर घायल करने के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों और पीड़ित पक्ष के बीच पूर्व में पल्हना चौकी क्षेत्र में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वाहन में रखे रुपये छीनने के आरोप की पुष्टि हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में जुटी हुई है





