वडनगर से वाराणसी यात्रा का आजमगढ़ में दूसरे दिन भी हुआ भव्य स्वागत
वडनगर वाराणसी यात्रियों का राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर हुआ स्वास्थ्य परीक्षण,फल वितरण, वृक्षारोपण*
स्वच्छता, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य परीक्षण, फल वितरण, लाभार्थी संपर्क, चौपाल एवं मंदिरों में पूजन-अर्चन सहित आयोजित हुए विविध कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जी की जन्मभूमि वडनगर (गुजरात) से कर्मभूमि वाराणसी तक जल, जन एवं सेवा संकल्प को समर्पित यात्रा का जनपद आजमगढ़ में दूसरे दिन भी विभिन्न निर्धारित स्थलों पर भव्य स्वागत किया गया। लोकसभा क्षेत्र आजमगढ़ एवं लालगंज के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजर रही यात्रा के दौरान जिला प्रशासन के साथ-साथ जिलाध्यक्ष आजमगढ़ ध्रुव कुमार सिंह एवं जिलाध्यक्ष लालगंज विनोद राजभर के नेतृत्व में विभिन्न स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए।
यात्रा के दूसरे दिन जनसंपर्क, स्वच्छता, वृक्षारोपण, मंदिरों में दर्शन-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन, लाभार्थियों से संपर्क, स्वास्थ्य परीक्षण, मरीजों में फल वितरण, चौपाल तथा यात्रा के अनुभव साझा करने सहित विविध सेवा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, लाभार्थियों, सेवा यात्रियों तथा अधिकारियों-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रधानमंत्री जी की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि को जोड़ने का संकल्प
वडनगर से वाराणसी तक आयोजित यह यात्रा पवित्र जल के आदान-प्रदान के साथ प्रधानमंत्री जी की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि को भावनात्मक एवं सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। यात्रा का उद्देश्य मार्ग में पड़ने वाले गांवों एवं शहरों में सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सहज जनसंवाद स्थापित करना भी है।
यात्रा के अंतर्गत वाराणसी से 250 बाइक एवं लगभग 500 यात्री गंगाजल लेकर वडनगर गए तथा अब वडनगर से वाराणसी लौट रहे हैं। प्रत्येक टोली के साथ आधुनिक एलईडी वाहन, प्रचार सामग्री एवं संवाद टीम भी चल रही है, जिसके माध्यम से लोगों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी दी जा रही है।
यात्रा के दौरान गुजरात की पवित्र नदियों एवं शर्मिष्ठा तालाब के जल से काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक तथा काशी के गंगाजल से वडनगर स्थित हाटकेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा। इस प्रकार यात्रा जल, संस्कृति, आस्था और सेवा के माध्यम से वडनगर एवं काशी के बीच एक भावनात्मक सेतु का निर्माण कर रही है।
मसीरपुर में रामजानकी मंदिर की साफ-सफाई एवं वृक्षारोपण
मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वडनगर से वाराणसी यात्रा के जनपद आजमगढ़ से गुजरने के दौरान दूसरे दिन 06 अक्टूबर को विभिन्न निर्धारित स्थलों पर सेवा एवं जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।
यात्रा के रूट-5 के अंतर्गत विकासखंड लालगंज के मसीरपुर में प्रातः रामजानकी मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। सेवा यात्रियों एवं स्थानीय सहभागियों द्वारा मंदिर परिसर की साफ-सफाई की गई तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण किया गया। इसके साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क कर योजनाओं से प्राप्त हो रहे लाभ की जानकारी ली गई तथा पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए जागरूक किया गया।
चंडेश्वर में स्वच्छता अभियान, मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य परीक्षण,फल वितरण, वृक्षारोपण
यात्रा के क्रम में श्री दुर्गा जी डिग्री कॉलेज, चंडेश्वर में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा यात्रियों एवं स्थानीय सहभागियों ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर स्वच्छ परिसर एवं स्वच्छ समाज का संदेश दिया। इसके उपरांत राजकीय मेडिकल कॉलेज, आजमगढ़ में सेवा यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इस दौरान मरीजों से संवाद कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई तथा मरीजों में फल का वितरण किया गया। परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा, मानवीय संवेदना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
नरेहथा में लाभार्थियों से संपर्क, योजनाओं की जानकारी साझा की गई
यात्रा के अगले पड़ाव में विकासखंड ठेकमा की ग्राम पंचायत नरेहथा में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क किया गया। इस दौरान लाभार्थियों से योजनाओं के माध्यम से मिल रहे लाभ की जानकारी ली गई तथा पात्र नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
सेवा यात्रियों द्वारा ग्रामीणों से संवाद कर केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य विकासपरक कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी साझा की गई।
तरवां में चौपाल एवं यात्रा अनुभव साझा करने का कार्यक्रम
विकासखंड तरवां स्थित आरपीएम मैरिज हॉल में चौपाल एवं यात्रा अनुभव साझा करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सेवा यात्रियों, स्थानीय नागरिकों एवं संबंधित अधिकारियों ने सहभागिता की। यात्रियों ने वडनगर से आजमगढ़ तक की यात्रा के अनुभव साझा किए तथा यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर प्राप्त जनसहयोग एवं स्वागत के बारे में जानकारी दी।
चौपाल के माध्यम से स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए सेवा, जनभागीदारी एवं विकास के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
मेहनाजपुर में प्राचीन शिव मंदिर में पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन
यात्रा के क्रम में विकासखंड तरवां के मेहनाजपुर बाजार स्थित प्राचीन शिव मंदिर में पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों ने मंदिर में दर्शन-पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की।
सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश दे रही यात्रा
मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने कहा कि वडनगर से वाराणसी तक की यह यात्रा केवल पवित्र जल के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, जनभागीदारी, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा गांव-गांव संवाद के माध्यम से सेवा संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान आयोजित प्रत्येक कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा एवं जनकल्याण के कार्यों से जोड़ना है। स्वच्छता, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य परीक्षण, लाभार्थी संपर्क और जनसंवाद जैसी गतिविधियां सामाजिक सहभागिता एवं जनसेवा की भावना को और मजबूत कर रही हैं।
अधिकारियों एवं स्थानीय सहभागियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
यात्रा के जनपद में सफल एवं सुचारू संचालन में संबंधित उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संबंधित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा यात्रा के निर्धारित पड़ावों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं तथा स्थानीय नागरिकों एवं सेवा यात्रियों की सहभागिता से कार्यक्रमों को सफल बनाया गया।
वडनगर से वाराणसी तक की यह यात्रा आजमगढ़ में सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनसंवाद एवं जनकल्याण का संदेश प्रसारित करते हुए आगे बढ़ी और विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित कर सेवा संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का कार्य किया।





