गजडी के गजहड़ा में राजमणि ने नौनिहालों का मनाया जन्मदिन तो बेबस ही कह दिये लोग
आजमगढ़, कहते हैं कि पुत्र के पांव पालगे में ही दिखाई देते हैं फिर पता क्या किसी को कि जिस होनहार पुत्र को मां पैदा करें और पुत्र को जिंदगी के दहलीज पर ले जाए उस पुत्र को मैन बीच में ही छोड़कर चली जाए और मां की याद में उसे पुत्र ने जीवन का अपना सब कुछ ही बना लिया हो भटकती आत्मा भी यमलोक से सदैव अपने पुत्र के हिस्से को लेकर हमेशा ही अपने पुत्र के लिए खड़ी ही रहेगी जी हां हम इस मां की बात कर रहे हैं जिस मां ने तो अपने इकलौती पुत्र राजमणि यादव को गजडी गजहडा में अरीसी दुर्वासा के तप से जन्म दिया हो उसे पुत्र ने आज अपने ही नहीं पूरे गांव को अपना पुत्र बना लिया है धन है वह मां जो नाम देवरती है और उसे पुत्र ने भी मां देवरती शिक्षण संस्थान मंचल गजडी गजहडा मे खोल दिया हो उसे इलाके के नौनिहालो के लिए पूरब का ऑक्सफोर्ड बनाने के प्रति राजमणि कृत संकल्पित है उन्होंने जिस विद्यालय की बुनियाद पिछले दिनों मा देवरती शिक्षण संस्थान के नाम से डाली उस शिक्षण संस्थान में दार्जिलिंग सहित देश के कई हिस्सों से अध्यापिकाएं गजडी के गरीब बच्चों के लिए शिक्षा दे रही है मा देवरती भले ही यमलोक में चली गई हो उनके पुत्र उनकी याद को लोगों के बीच उतार रहे हैं अब मैं बगैर किसी भूमिका के इस पुत्र के बारे में जिक्र कर रहा हूं जो मन की मृत्यु आत्मा के आशीर्वाद को आत्मसात कर लिया हो और अवध के अवधि में समाजसेवी बनकर उभरा हो तो कौशल राज्य में राजमणि राजमणि भी अपने नाम के मुताबिक काम करने के लिए उतर चुके हैं सबसे पहले इसकी बुनियाद उन्होंने अपने गांव में शिक्षा के साथ जोड़ा तो मई में हुए पिछले कार्यक्रम को इलाका के लोगों ने नजदीक से देखा तभी उसे इलाका के लोग इस विश्वास में जीने लगे थे कि दुर्वासा के आशीर्वाद से राजमणि आ चुका है जनपद के शिक्षा के क्षेत्र में अगर पूरब का ऑक्सफोर्ड इलाहाबाद है तो कौशल राज्य में भरत जैसे भाई की मिसाल को बनाने के लिए कई भाइयों को तैयार करना चाह रहे हैं राजमणि यादव कहा जाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में अगर क्षेत्र आगे होता है तो उस जिले जवार में भी विकास होता है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए राजमणि ने ऋषि दुर्वासा के टापू क्षेत्र में नौनिहाल बच्चों के लिए शिक्षा की बुनियाद को फैला दिया है और वह भी शिक्षा आजमगढ़ जनपद में पहली बार ऐसे देखने को मिल रही है जहां फ्री की शिक्षा दी जा रही है राजमणि भले ही अपने कारोबार को करने के लिए लखनऊ में रह रहे हो लेकिन अपनी जमीन की उर्वरा को आगे ले जाने के लिए उनकी आत्मा दुर्वासा के इलाकों में ही रहती है राजमणि यादव पिछले दिनों आजमगढ़ आए और अपने स्कूल में फ्री में शिक्षा दे रहे नवनिहालों के बीच बैठकर अपने पिता से आशीर्वाद लेकर उन ननिहालों के बीच जब जन्मदिन मना रहे थे तो बेबस ही लोग यह कहने पर मजबूर हो गए जा बेटा तुम्हें पुरे गांव की पूरे क्षेत्र जवार की दुआ लग जाए वैसे भी वह कई इलाकों में अपनी समाज सेवा के लिए जाने जाते हैं नाम कम काम ज्यादा करके लोगों के बीच से चले जाते हैं रह जाते हैं तो उनके अच्छे कार्यों की भूमिका

बहुत शीघ्र ही वह समाज सेवा के क्षेत्र में जनपद में कैंसर और हार्ट के फैल रहे रोगियों पर काम करने जा रहे हैं और इसके लिए उन्होंने यह संकल्प लिया हुआ है कि सबसे पहले जनपद में ऑर्गेनिक खेती को मेरा बढ़ावा होगा जिससे बेवजह जो लोग मौत के काल में समा रहे हैं उन्हें रोका जा सके, संकल्प उनका यह भी है कि बहुत शीघ्र ही हम अपने जनपद वासियों के लिए शुद्ध दूध और शुद्ध घी भी उपलब्ध कराएंगे काम बड़ा है जिसे वह अमली जामा पहनाने में भले ही समय ले लेकिन उतरेगी जरूर
इतना ही नहीं राजमणि यादव सोशल मीडिया के इस युग में लोगों के बीच जागरूकता लाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से कुछ संदेश भी समय-समय पर लोगों को देते रहेंगे





