पत्रकारिता के पुरोधा स्व. धनुषधारी सिंह को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि
विचारधाराओं की सीमाएं हुईं धुंधली, पत्रकारिता के सम्मान में एक मंच पर आए सभी दलों के नेता; रणतूर्य डिजिटल ब्रॉडकास्ट का शुभारंभ
संवाददाता, आजमगढ़।
पत्रकारिता केवल समाचार लिखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का संकल्प है। इसी संकल्प को आजीवन जीने वाले रणतूर्य हिंदी दैनिक के संस्थापक, वरिष्ठ पत्रकार एवं निर्भीक लेखनी के धनी स्वर्गीय धनुषधारी सिंह की पुण्यतिथि पर सोमवार को रणतूर्य कार्यालय श्रद्धा, सम्मान और स्मृतियों का केंद्र बन गया। अवसर ऐसा था, जहाँ राजनीतिक मतभेद गौण हो गए और पत्रकारिता के सम्मान में विभिन्न विचारधाराओं के नेता, पत्रकार, अधिवक्ता, समाजसेवी तथा बुद्धिजीवी एक मंच पर एकत्र हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि सत्य, निष्पक्षता और जनहित की पत्रकारिता का जो मानक स्व. धनुषधारी सिंह ने स्थापित किया, वह आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान रणतूर्य डिजिटल ब्रॉडकास्ट का विधिवत शुभारंभ भी किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने इसे स्व. धनुषधारी सिंह के सपनों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ाने की सार्थक पहल बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह मंच जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को और अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुँचाने का कार्य करेगा।
श्रद्धांजलि सभा में सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्य जयनाथ सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सूरज श्रीवास्तव, आम आदमी पार्टी के पूर्वांचल संयोजक राजेश यादव, समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक यादव, मां शारदा शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष फौजदार सिंह सर्वोदय इंस्टिट्यूट ग्रुप आफ अध्यक्ष राजेंद्र यादव बसपा कोऑर्डिनेटर अरुण पाठक, समाजसेवी एवं रण तूर्य ब्रॉडकास्ट के सयोजक राजमणि यादव, डॉ. आनंद सिंह, राजकुमार सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, देवेंद्र सिंह, शार्दूल सिंह, आदर्श सिंह, रानू सिंह, प्रयाग सिंह, आदर्श श्रीवास्तव, सेंट्रल बार के पूर्व अध्यक्ष एवं अधिवक्ता शत्रुघ्न सिंह सहित विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों, अधिवक्ताओं, समाजसेवियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता करते हुए स्व. धनुषधारी सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
वक्ताओं ने कहा कि स्व. धनुषधारी सिंह ने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और निर्भीकता के साथ पत्रकारिता को जनसेवा का माध्यम बनाया। उनकी लेखनी सत्ता से सवाल पूछने का साहस रखती थी और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती थी। यही कारण था कि उनकी खबरों को प्रशासन भी गंभीरता से लेता था। उन्होंने सदैव समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज़ को बुलंद किया और पत्रकारिता की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
वक्ताओं ने उनके पत्रकारिता जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 1952 में पत्रकारिता की शुरुआत की और वर्ष 1984 में रणतूर्य हिंदी दैनिक की स्थापना कर आंचलिक पत्रकारिता को नई पहचान दी। वर्ष 1983 के चर्चित दीवानी कचहरी प्रकरण की उनकी साहसिक रिपोर्टिंग का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उनकी निष्पक्ष, निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता आज भी पत्रकारों के लिए आदर्श बनी हुई है।
संस्थान के महेंद्र सिंह ने कहा कि रणतूर्य डिजिटल ब्रॉडकास्ट का शुभारंभ केवल एक नई तकनीकी पहल नहीं, बल्कि स्व. धनुषधारी सिंह के आदर्शों, मूल्यों और जनपक्षधर पत्रकारिता की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में रणतूर्य सत्य, निष्पक्षता और जनविश्वास की उसी परंपरा को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन संजय पांडेय ‘सरस’ ने किया तथा अध्यक्षता अधिवक्ता शत्रुघ्न सिंह ने की। अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों ने स्व. धनुषधारी सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।





