कोडीन कफ सिरप की अवैध बिक्री पर एनडीपीएस एक्ट लागू, कई आरोपितों की जमानत खारिज

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प्रयागराज :कोडीन कफ सिरप की अवैध बिक्री पर एनडीपीएस एक्ट लागू, कई आरोपितों की जमानत खारिज

प्रयागराज। कोडीन युक्त कफ सिरप की आड़ में नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि कोडीन आधारित कफ सिरप का उपयोग यदि औषधीय जरूरत के बजाय नशे के लिए किया जाता है तो ऐसे मामलों में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधान लागू हो सकते हैं।

मामलों की सुनवाई के दौरान बड़ी मात्रा में न्यू फेंसिडिल और अन्य कोडीन युक्त कफ सिरप की खरीद-बिक्री, संदिग्ध परिवहन, फर्जी दस्तावेज और कागजों पर संचालित फर्मों से जुड़े तथ्य सामने आए। एक मामले में 2,25,999 बोतल न्यू फेंसिडिल की खरीद का उल्लेख है। जांच में खरीद, स्टॉक और बिक्री से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले। ई-वे बिल में दर्ज वाहनों को लेकर भी सवाल उठे। इसी बैच की सिरप की बोतलें मालदा और त्रिपुरा में बरामद होने की बात आदेश में दर्ज है।

रांची की Saili Traders जांच के घेरे में

रिकार्ड के अनुसार रांची, झारखंड स्थित Saili Traders के प्रोपराइटर भोला प्रसाद की फर्म से बड़ी मात्रा में न्यू फेंसिडिल की खरीद-बिक्री दिखाई गई। जांच में फर्म से जुड़े खरीद-बिक्री दस्तावेजों और सिरप के वास्तविक परिवहन को लेकर सवाल उठे। शुभम जायसवाल को Saili Traders का Competent Person बताया गया है। अभियोजन के अनुसार फर्जी फर्मों के माध्यम से कोडीन युक्त सिरप के कारोबार में उनकी भूमिका की जांच की गई।

5.97 लाख बोतल खरीद का मामला

वाराणसी स्थित DSA Pharma के प्रोपराइटर दिवेश जायसवाल के मामले में 5,97,076 बोतल न्यू फेंसिडिल खरीदने का उल्लेख है। अभियोजन के अनुसार फर्म के अस्तित्व और खरीद-बिक्री के दस्तावेजों को लेकर गंभीर सवाल सामने आए। जांच में ई-वे बिल में दर्ज वाहनों और वास्तविक परिवहन के बीच भी विसंगतियां बताई गईं।

फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र देने का आरोप

आदेश में अमित जायसवाल, प्रशांत कुमार और शुभम जायसवाल को Saili Traders के Competent Persons के रूप में बताया गया है। अभियोजन का आरोप है कि अलग-अलग व्यक्तियों को फर्जी फर्म खोलने के लिए अनुभव प्रमाणपत्र जारी किए गए।

दिनेश यादव को मिली जमानत

थाना रोहनिया, जिला वाराणसी से जुड़े मामले में दिनेश कुमार यादव पर 18,600 बोतल फेंसिडिल और 75,150 बोतल एस्कफ कफ सिरप की बरामदगी वाले मामले का उल्लेख है। इस मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।

वैभव जायसवाल पर हैंडलर होने का आरोप

थाना कोतवाली, जिला वाराणसी से जुड़े मामले में वैभव जायसवाल का नाम सामने आया। अभियोजन ने उन्हें Saili Traders का हैंडलर बताते हुए धन के लेनदेन और अन्य गतिविधियों में भूमिका का आरोप लगाया है।

आकाश पाठक को भी जमानत

आकाश पाठक के मामले में हाईकोर्ट ने जमानत मंजूर की। कोर्ट के समक्ष उनका नाम मुख्य रूप से सह-आरोपितों के बयानों के आधार पर सामने आने और उनके खिलाफ अन्य पर्याप्त आपत्तिजनक सामग्री नहीं होने की दलील रखी गई थी।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत देने या खारिज करने के आदेश मामले के अंतिम गुण-दोष पर निर्णय नहीं माने जाएंगे। जिन मामलों में बड़ी मात्रा में सिरप की संदिग्ध खरीद, फर्जी दस्तावेज और गैर-चिकित्सीय उपयोग के लिए डायवर्जन के प्रथमदृष्टया साक्ष्य सामने आए, उनमें कोर्ट ने जमानत देने से इन्कार किया। वहीं, जहां आरोपित की भूमिका सीमित थी और पर्याप्त स्वतंत्र साक्ष्य नहीं मिले, वहां जमानत दी गई।

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