खतौनी से नाम गायब कर दूसरे लोगों के नाम दर्ज करने का आरोप, मंडलायुक्त से शिकायत
एलआरसी, कंप्यूटर ऑपरेटर और संबंधित राजस्वकर्मी पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, जांच कर कार्रवाई और अभिलेख दुरुस्त कराने की मांग
आजमगढ़। निजामाबाद तहसील के नियाऊज गांव निवासी असामुद्दीन पुत्र फकरुद्दीन ने खतौनी से अपना नाम गायब कर दूसरे लोगों का नाम दर्ज किए जाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने आजमगढ़ मंडल के मंडलायुक्त को शिकायती पत्र देकर एलआरसी संतराम यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर रामकृष्ण चौरसिया और संबंधित राजस्वकर्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार, असामुद्दीन का कहना है कि वह गाटा संख्या 235 मि. के संक्रमणीय भूमिधर हैं। 22 फरवरी 2026 को जारी खतौनी में उनका नाम दर्ज था, लेकिन 13 अक्टूबर 2026 को निकाली गई खतौनी में उनका नाम गायब मिला। आरोप है कि अभिलेखों में कथित हेराफेरी कर उनकी जगह अजीत और महेंद्र का नाम दर्ज कर दिया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एलआरसी संतराम यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर रामकृष्ण चौरसिया और संबंधित राजस्वकर्मी की मिलीभगत से यह बदलाव किया गया है। उन्होंने निजामुद्दीपट्टी गांव के गाटा संख्या 207 नवीन परती की भूमि का भी मामला उठाया है। आरोप है कि उक्त भूमि को भी अभिलेखों में हेराफेरी कर लाचन के नाम दर्ज कर दिया गया।
असामुद्दीन ने मंडलायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और गाटा संख्या 235 मि. की खतौनी में दर्ज त्रुटियों को दुरुस्त कराकर उनका नाम पुनः दर्ज कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित राजस्वकर्मियों का पक्ष सामने नहीं आया है।





