आजमगढ़ में डीजे को लेकर पुलिस और भाजपा नेता में विवाद – दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान हुआ विवाद
– भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुजीत जायसवाल उर्फ आशू समेत 10 लोगों के खिलाफ तहरीर
– पांच आयोजकों और पांच डीजे संचालकों पर कार्रवाई की तैयारी
– थानाध्यक्ष और भाजपा नेता के बीच तीखी बहस का वीडियो वायरल
– ध्वनि प्रदूषण और पुलिस के निर्देशों की अनदेखी का आरोप
– सीओ के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
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आजमगढ़ के माहुल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच विवाद हो गया। मामला उस समय गरमा गया, जब भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुजीत जायसवाल उर्फ आशू और अहरौला थानाध्यक्ष के बीच तीखी बहस हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत पांच आयोजकों और पांच डीजे संचालकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। पुलिस का आरोप है कि तेज आवाज में डीजे बजाने और समझाने के बावजूद निर्देशों का पालन नहीं करने से विवाद की स्थिति बनी। हालांकि, क्षेत्राधिकारी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और देर रात सभी प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न कराया गया।
:आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के नगर पंचायत माहुल में 28 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान डीजे की तेज आवाज को लेकर विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, कस्बे में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी दौरान डीजे संचालकों पर निर्धारित ध्वनि मानकों से अधिक आवाज में डीजे बजाने का आरोप लगा।
पुलिस की तहरीर के अनुसार, अधिकारियों ने आयोजकों और डीजे संचालकों को समझाते हुए निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करने की हिदायत दी, लेकिन रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर कुरैशी चौक के पास फिर विवाद हो गया। आरोप है कि आयोजकों और कुछ अन्य लोगों ने पुलिस टीम के साथ बहस की और निर्देशों का पालन करने में आनाकानी की।
इस दौरान भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुजीत जायसवाल उर्फ आशू और थानाध्यक्ष के बीच भी तीखी बहस हुई। सुजीत जायसवाल ने पुलिस पर डीजे संचालक से मारपीट और श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि तेज आवाज और सड़क पर वाहनों का आवागमन बाधित होने के कारण आयोजकों को समझाया जा रहा था।
पुलिस ने सुजीत जायसवाल उर्फ आशू समेत आयोजक अमरजीत निषाद, सनोज सोनकर, अजय बिंद और आनंद अग्रहरि के साथ पांच डीजे संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए तहरीर दी है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर विजय सिंह गौर के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई। पुलिस की मौजूदगी में देर रात तमसा नदी में सभी प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। फिलहाल, पुलिस की तहरीर में लगाए गए आरोपों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है।





