रिपोर्ट महेंद्र कुमार : बंजर जमीन पर कब्जे को लेकर बढ़ा विवाद
आजमगढ़ जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र के पूरब पट्टी गांव में बंजर जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों के आरोप, वायरल वीडियो और जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।-पूरब पट्टी गांव निवासी राजपत पुत्र दुबरी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव की बंजर जमीन, जिसे प्रशासन पहले सरकारी भूमि बताते हुए खाली करा चुका है, उस पर अब दोबारा कब्जे की कोशिश की जा रही है। राजपत का कहना है कि वर्षों से उनका परिवार और पाटीदार उस जमीन का उपयोग पशुओं की हौदी, गोबर रखने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए करते थे।
ग्रामीणों के अनुसार अप्रैल 2025 में निजामाबाद तहसील प्रशासन ने जमीन को सरकारी बताते हुए वहां बने कच्चे निर्माण हटवा दिए थे और मौके पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण न करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद गांव की महिला सुनीता पत्नी सुभाष पर मिट्टी पटवाकर कब्जा करने और निर्माण की तैयारी करने का आरोप लगाया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब जमीन को सरकारी घोषित कर सभी लोगों से खाली कराया गया था, तो अब उसी भूमि पर निर्माण कार्य किस आधार पर कराया जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या इसके लिए प्रशासनिक अनुमति दी गई है, और अगर दी गई है तो उसका आधार क्या है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विरोध करने पर मारपीट और धमकी भी दी जा रही है। वहीं कई ग्रामीणों ने राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन से मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष पैमाइश और जांच कराने की मांग की है। हालांकि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल गांव में इस विवाद को लेकर तनाव और चर्चाओं का बाजार तेज है




