बेजुबानों के लिए रैन बसेरा बनाना ही सच्चा परहित: राजन जी महाराज / रिपोर्ट राजू कुमार
अतरौलिया के प्रथम देवस्थान पर पंछी रैन बसेरा का हुआ भव्य लोकार्पण, समाजसेवी अखिलेश सिंह की अनूठी पहल की संतों ने की सराहना।
अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के ऐतिहासिक व पावन धाम बाबा प्रथम देव (बहिरा देव) स्थान पर समाजसेवी अखिलेश सिंह द्वारा बनवाए गए आधुनिक ‘पंछी रैन बसेरा’ का लोकार्पण समारोह पूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे प्रख्यात श्रीराम कथा वाचक पूज्य राजन जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार व विधि-विधान के साथ अपने कर-कमलों से इस पंछी रैन बसेरे का लोकार्पण किया। इसके साथ ही पौहारी बाबा स्थान समेत क्षेत्र के चार प्रमुख स्थानों पर पक्षियों के संरक्षण के लिए ऐसे रैन बसेरे स्थापित किए जा रहे हैं। 
इस दौरान उन्होंने पांच कबूतरों को आजाद किया। समारोह को संबोधित करते हुए राजन जी महाराज ने कहा कि आज के दौर में जहां लोग अपनों और अपने परिवार के लिए बड़े-बड़े महल और मकान बनाते हैं, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए ऐसा सुरक्षित आशियाना तैयार करना परमार्थ का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है।

उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई ‘परहित सरिस धरम नहिं भाई, परपीड़ा सम नहिं अधमाई’ का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म केवल तिलक लगाने या पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि धर्म को आचरण में उतारना ही सच्चा धर्माचरण है। जो बेजुबान अपना दर्द बयां नहीं कर सकते, उनके सुख-सुविधा की चिंता करना साक्षात देव-पूजन के समान है।

महाराज जी ने सनातन परंपरा का संदर्भ देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में पक्षियों को देवतुल्य माना गया है—भगवान विष्णु का वाहन गरुड़, मां सरस्वती का वाहन हंस और भगवान कार्तिकेय का वाहन मयूर है। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि अखिलेश सिंह ने पंछियों का घर बनाकर अपना कर्तव्य निभाया है, अब इस बसेरे में पक्षियों के लिए दाना, जल और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरे ग्रामवासियों की है।

कार्यक्रम के आयोजक समाजसेवी अखिलेश सिंह ने कथा व्यास राजन जी महाराज व मंचस्थ संतों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अतरौलिया की पावन धरती पर संतों के चरणों का पड़ना परम सौभाग्य की बात है। महाराज जी ने अपने व्यस्त कथा अनुष्ठान के बीच अमूल्य समय निकालकर बेजुबान पक्षियों के इस प्रकल्प को अपना आशीर्वाद दिया, इसके लिए पूरा क्षेत्र उनका ऋणी है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि क्षेत्र में पर्यावरण और जीव-जंतुओं के संरक्षण के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर महामंडलेश्वर संत श्री सु भम दास जी महाराज, श्री प्रेमदास जी महाराज, चंद्रेश जी महाराज सहित कई संत-महात्मा मौजूद रहे। इस अवसर पर अखंड प्रताप सिंह, राजेंद्र सिंह, जय नाथ सिंह, गुडलक सिंह, बालमुकुंद सिंह,जयप्रकाश सिंह, मुकेश श्रीवास्तव, वीरेंद्र पांडे, चंद्रशेखर सिंह, विक्रम बहादुर सिंह, अरविंद तिवारी, दुर्ग विजय सिंह, विवेक सिंह, उपेंद्र नाथ मिश्रा, समेत बड़ी संख्या में , महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस जन-कल्याणकारी पहल की मुक्तकंठ से सराहना की।





