आजमगढ़ में 19 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में फैसला, रुदरी गांव के चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला, ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह समेत नौ दोषियों को आजीवन कारावास
– प्रत्येक दोषी पर 74 हजार रुपये का अर्थदंड
दशहरे के दिन 2007 में हुई थी पारसनाथ सिंह और तालुकदार सिंह की हत्या, 17 गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया फैसला
आजमगढ़ में करीब 19 साल पुराने चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव में दशहरे के दिन हुए दोहरे हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-एक कमलापति की अदालत ने तत्कालीन ग्राम प्रधान एवं ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह समेत नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 74 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 17 गवाह पेश किए गए थे।

आजमगढ़ के रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव में 21 अक्टूबर 2007 को दशहरे के दिन दोहरे हत्याकांड की वारदात हुई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सुबह करीब नौ बजे रामजन्म सिंह अपने दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान तत्कालीन ग्राम प्रधान विपिन सिंह समेत नौ लोग कथित तौर पर हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे। आरोप था कि विपिन सिंह ने तालुकदार सिंह और राजेश सिंह ने पारसनाथ सिंह को गोली मार दी। गोली लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, अन्य आरोपियों पर रामजन्म सिंह के परिवार के लोगों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करने का आरोप था।घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी की और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी राधेश्याम सिंह की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडेय और विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 17 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने नौ आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 74 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। करीब 19 साल पुराने इस मामले में अदालत के फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





